महाराणा प्रताप : जीवन यात्रा
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हल्दीघाटी विजय 450 वर्ष समारोह
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में आपका स्वागत है।
सम्माननीय बन्धुवर / भगिनी,
सादर अभिवादन।
अत्यन्त आनन्द का विषय है कि 18 जून 2026 को हल्दीघाटी युद्ध में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की विजय के 450 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। हल्दीघाटी का युद्ध मात्र एक युद्ध नहीं, बल्कि महाराणा प्रताप की जिजीविषा तथा भारत के अनूठे स्वातंत्र्य समर का ऐसा स्वर्णिम पृष्ठ है, जिसे युगों-युगों तक सम्पूर्ण विश्व में स्मरण किया जाएगा।
हल्दीघाटी की भूमि प्रताप की सेना के वीरों के रक्त से पवित्र हुई है। यह भूमि, यह माटी हमें आज भी उन वीर-बलिदानी योद्धाओं की याद दिलाती है, जो भारत माता के चरणों में अपने प्राणों की आहुति देकर अमर हो गए।
प्रताप गौरव केन्द्र “राष्ट्रीय तीर्थ” विगत 20 वर्षों से महाराणा प्रताप तथा मेवाड़ से जुड़े महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक प्रसंग, सन्दर्भ तथा स्थानों के विषयों में शोध एवं जनजागरण के कार्य में जुटा है। हम प्रताप गौरव केन्द्र के माध्यम से मेवाड़ के इतिहास तथा इस पुण्य धरा के मानबिन्दुओं को सम्पूर्ण विश्व में गुंजायमान करने के अपने लक्ष्य में निरन्तर कार्यरत हैं।
हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गत वर्ष से जारी कार्यक्रमों की श्रृंखला के समारोप कार्यक्रम में हमारे सौभाग्य से मोहनराव भागवत जी का उदयपुर आगमन सुनिश्चित हुआ है।
इस निमित्त 17 जून 2026 को भण्डारी दर्शक मण्डप (गांधी ग्राउण्ड) में आयोजित भव्य समारोह में वे विशाल जनसमूह को सम्बोधित करेंगे। 17 जून 2026 का वैशिष्ट्य यह भी है कि भारतीय पंचांग के अनुसार वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती (ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया, विक्रम संवत् 2083) भी है।
अतः इस मणि-काञ्चन योग में आयोजित कार्यक्रम में अपने परिवार एवं इष्टमित्रों सहित पधारकर अनुगृहीत करें। आपके आगमन से प्रताप के जीवन एवं कार्यों को विश्व स्तर पर प्रसिद्ध करने के हमारे पुनीत यज्ञ में आपकी आहुति हमारा उत्साहवर्द्धन करेगी।