दिवेर विजय महोत्सव 2026
विक्रम संवत : 2083
विक्रम संवत 1640 को विजयदशमी के दिन लड़ा गया दिवेर का युद्ध भारतीय इतिहास में युगान्तकारी परिवर्तन लाने वाला युद्ध है। महाराणा प्रताप के नेतृत्व में दिवेर विजय के उपरांत अगले दो-तीन वर्षों में मुगलों के द्वारा स्थापित समस्त थाने समाप्त हो गए तथा लगभग समस्त मेवाड़ तथा वागड, गोडवाड से लेकर मालवा तक महाराणा प्रताप का शासन स्थापित हो गया। अगले 202 वर्षों तक मेवाड़ में शांति बनी रही तथा मुगलों ने इस ओर आंख उठाने की हिम्मत नहीं की।
दिवेर युद्ध इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि इस युद्ध में प्रथम बार महाराणा प्रताप ने अपनी रक्षात्मक युद्ध नीति में परिवर्तन कर आगे बढ़कर आक्रमण की नीति अपनाई, युद्ध नीति कौशल तथा कूटनीति की दृष्टि से यह युद्ध अनेकों युद्ध से अधिक प्रभावी सिद्ध होता है। कुछ ही घंटे में प्रताप की सेना ने इस युद्ध में ऐसा तांडव रचा कि 36000 बर्बर मुगल सैनिकों को बुरी तरह पराजित किया। महाराणा प्रताप के योग्य सुपुत्र युवराज अमर सिंह द्वारा सेरिमा सुल्तान पर भाले से किया गया वार सेरिमा सुल्तान के शरीर को और घोड़े को चीरता हुआ जमीन में धंस गया।
उल्लेखनीय है कि सेरिमा सुल्तान महा शक्तिशाली था तथा रिश्ते में अकबर का चाचा लगता था, इसलिए उसका सभी ओर आतंक था। दिवेर विजय के उपरांत मेवाड जीतने की अकबर की सारी योजनाएं खटाई में पड़ गई। मेवाड का हिन्दुवा सूर्य पुनः अपने तेज से चमकने लगा तथा मुगलिया अभियान का झंडा मेवाडी गज के पैरों तले रौंदा गया। प्रताप गौरव केंद्र “राष्ट्रीय तीर्थ” दिवेर युद्ध की इस महत्वपूर्ण विजय को विश्व के समक्ष प्रस्थापित करने तथा इस विजय के महत्व का महिमागान दसों दिशाओं में गुंजायमान करने हेतु दिवेर विजय महोत्सव का आयोजन करने जा रहा है, जिसके अंतर्गत संपूर्ण सितंबर माह में विविध कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं तथा व्याख्यानमालाओं के माध्यम से कोटि कोटि जन तक दिवेर विजय महोत्सव का संदेश प्रसारित किया जाएगा।
कार्यक्रमः 16 सितंबर से 26 सितंबर तक
* उद्घाटन समारोह एवं प्रदर्शनी लोकार्पण *
दिनांक -16 सितम्बर, 2026
बुधवार
समय – सायं 6 बजे से
मुख्य वक्ता – श्री निम्बाराम जी
क्षेत्र प्रचारक – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजस्थान
मुख्य अतिथि – श्री बाबूलाल खराड़ी
जनजाति विकास मंत्री, राजस्थान सरकार
* कार्यशाला उद्घाटन समारोह *
दिनांक – 20 सितम्बर, 2026 रविवार
समय – सायं 6.00 बजे से
* समापन समारोह *
दिनांक – 26 सितम्बर, 2026
शनिवार
समय – सायं 6.00 बजे से
आगामी कार्यक्रम
📅 विशेष कार्यक्रम
दिवेर सार्वजनिक कार्यक्रम
🤝 नेटवर्किंग इवेंट
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मीट
निबंध प्रतियोगिता
दिवेर विजय महोत्सव–2026 के अवसर पर ऐतिहासिक दिवेर युद्ध (1582) की स्मृति एवं सम्मान में निबंध आमंत्रित किए जाते हैं। महाराणा प्रताप की महानतम सैन्य विजय के रूप में प्रसिद्ध यह युद्ध मेवाड़ के पुनरुत्थान का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध हुआ। दिवेर युद्ध की विजय आज भी साहस, रणनीतिक उत्कृष्टता, स्वाभिमान, स्वतंत्रता और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण जैसे मूल्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को महाराणा प्रताप के जीवन, आदर्श एवं योगदान पर विचार करने तथा उनकी विरासत को सम्मानित करने हेतु आमंत्रित किया जाता है।
निबंध जमा करने की अंतिम तिथि: 17 सितंबर 2026
परिणाम की घोषणा: 23 सितंबर 2026
श्रेणी I: विद्यालय स्तर
(कक्षा 9वीं से 12वीं तक)
महाराणा प्रताप: एक बहुआयामी व्यक्तित्व एवं उनका कृतित्व
(800–1,000 शब्द)
श्रेणी II: महाविद्यालय स्तर:
(महाविद्यालय की किसी भी कक्षा एवं संकाय के विद्यार्थी)
महाराणा प्रताप की वर्तमान प्रासंगिकता
(1,300–1,500 शब्द)
श्रेणी III: मुक्त श्रेणी
(सभी प्रतिभागियों के लिए खुला; कोई आयु सीमा नहीं)
प्रतिभागी निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय का चयन कर सकते हैं:
(1,800–2,000 शब्द)
निबंध विषय
3.महाराणा प्रताप: जनप्रिय नेता एवं जननायक
10. महाराणा प्रताप के मेवाड़ में गणित, खगोल विज्ञान एवं वैज्ञानिक चिंतन
फॉर्म भरने से पूर्व निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:
➢ हस्तलिखित निबंध पूर्ण रूप में (फुलस्केप कागज़ पर, बाईं ओर हाशिया छोड़ते हुए) की स्कैन की हुई PDF प्रति।
पुरस्कार एवं सम्मान
श्रेणी I: विद्यालय स्तर
(कक्षा IX से XII)
प्रथम पुरस्कार – 5100/-
द्वितीय पुरस्कार – 2100/-
तृतीय पुरस्कार – 1100/-
सांत्वना पुरस्कार (2) – 501/-
श्रेणी II: महाविद्यालय स्तर:
(महाविद्यालय की किसी भी कक्षा एवं संकाय के विद्यार्थी)
प्रथम पुरस्कार – 11000/-
द्वितीय पुरस्कार – 7100/-
तृतीय पुरस्कार – 5100/-
सांत्वना पुरस्कार (2) – 1100/-
श्रेणी III: मुक्त श्रेणी
(सभी प्रतिभागियों के लिए खुला; कोई आयु सीमा नहीं)
मूल्यांकन मानदंड (Evaluation Criteria)
अधिकतम अंक: 100
निबंध का मूल्यांकन निम्नलिखित आधार पर किया जाएगा:
➢ विषय की प्रासंगिकता
➢ विचारों की मौलिकता
➢ शोध एवं विषय-वस्तु की गहराई
➢ भाषा एवं अभिव्यक्ति शैली
➢ संरचना एवं प्रस्तुतीकरण
सामान्य दिशा-निर्देश (General Instructions)
➢ निबंध प्रतिभागी द्वारा स्वयं लिखा हुआ एवं मौलिक होना चाहिए। निबंध हिंदी अथवा अंग्रेजी, किसी भी भाषा में लिखा जा सकता है।
➢ प्रस्तुत किया जाने वाला निबंध स्पष्ट रूप से स्कैन किया हुआ हो तथा केवल PDF प्रारूप में अपलोड किया जाए।
➢ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अथवा किसी भी अन्य अनुचित साधन का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है।
➢ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के सदस्य, प्रताप गौरव केंद्र के कर्मचारी तथा दिवेर विजय महोत्सव समिति के पदाधिकारी प्रतियोगिता में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे।
➢ इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाली किसी भी प्रविष्टि को प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
➢ निर्णायक मंडल (Jury) का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
➢ विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि/प्रमाण-पत्र प्राप्त करने से पूर्व अपना आधार कार्ड तथा विद्यालय/महाविद्यालय का परिचय-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
विशेष सूचना (Note)
➢ प्रतियोगिता में भागीदारी पूर्णतः निःशुल्क है।
➢ सभी घोषणाएँ, सूचनाएँ एवं परिणाम केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट www.pratapgauravkendra.org पर प्रकाशित किए जाएंगे।
➢ सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाण-पत्र (E-Certificate) प्रदान किए जाएंगे, जो आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेंगे।
➢ विजेताओं को 26 सितंबर 2026 को आयोजित समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा तथा पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
➢ सभी विजेताओं को अपने स्थान से आने एवं जाने का तृतीय श्रेणी वातानुकूलित अथवा बस का किराया देय होगा।
संपर्क सूत्र – डॉ मनीष श्रीमाली – 8005816971
डॉ रेखा महात्मा – 8890500123
डॉ भानुप्रिया – 9785069591
दिवेर विजय महोत्सव के अवसर पर युवाओं एवं फोटोग्राफी प्रेमियों को महाराणा प्रताप के जीवन, शौर्य, स्वाभिमान एवं मेवाड़ की संस्कृति से रचनात्मक रूप से जोड़ने के उद्देश्य से एक फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
प्रताप गौरव केंद्र फोटो वॉक: 19 सितंबर 2026
समय सुबह 10 से 12:00 बजे के मध्य
फोटो खींचने हेतु तिथि एवं समय:
19 सितम्बर: प्रातः 10 बजे से 12 बजे के मध्य एवं सायं 5 बजे से 7 बजे के मध्य।
20 सितम्बर: प्रातः 10 बजे से 12 बजे के मध्य एवं सायं 5 बजे से 7 बजे के मध्य।
प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि: 23 सितम्बर शाम 5 बजे तक
प्रतियोगिता दो श्रेणियों में होगी
मोबाइल फोटोग्राफी
प्रतिभागी इन विषयों पर फोटो ले सकते हैं
शौर्य
स्वाभिमान
संघर्ष
चेतक और प्रताप
मेवाड़ की संस्कृति
प्रकाश और छाया में प्रताप
नई पीढ़ी और इतिहास
मेरी नजर में महाराणा प्रताप
पुरस्कार एवं सम्मान
कैमरा श्रेणी
प्रथम पुरस्कार – 11000/-
द्वितीय पुरस्कार – 7000/-
तृतीय पुरस्कार – 5000/-
मोबाइल श्रेणी
प्रथम पुरस्कार – 7000/-
द्वितीय पुरस्कार – 5000/-
तृतीय पुरस्कार – 3000/-
सांत्वना पुरस्कार (दो): ₹1,100/- प्रत्येक
पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड: ₹2,100/- (दोनों श्रेणियों के लिए)
प्रतियोगिता के नियम एवं शर्तें:
प्रतियोगिता में किसी भी आयु का प्रतिभागी भाग ले सकता है।
पंजीकरण गूगल फॉर्म अथवा फोटो वॉक के समय ऑन-स्पॉट किया जा सकता है। पंजीकरण निःशुल्क है।
फोटो वॉक के दौरान अथवा उसके उपरान्त प्रताप गौरव केंद्र आकर फोटो क्लिक किए जा सकते हैं। प्रत्येक प्रतिभागी को एक पंजीकरण क्रमांक प्रदान किया जाएगा, जिसका उल्लेख फोटो भेजते समय अपने नाम के साथ करना अनिवार्य है।
प्रत्येक प्रतिभागी को अपने फोटो निम्नलिखित ई-मेल पर भेजने होंगे: diver.painting2026@gmail.com
प्रत्येक प्रतिभागी अधिकतम 5 छायाचित्र (कुल अधिकतम 10 MB) भेज सकता है। इनमें से न्यूनतम 3 फोटो प्रताप गौरव केंद्र में लिए गए होने चाहिए।
फोटो JPG/JPEG प्रारूप में भेजे जाएँ। प्रत्येक फाइल का आकार 2–10 MB के बीच तथा गुणवत्ता उच्च रेजोल्यूशन की होनी चाहिए।
प्रविष्टि केवल प्रतिभागी द्वारा स्वयं खींची गई मौलिक फोटो होनी चाहिए। इंटरनेट, सोशल मीडिया, अन्य फोटोग्राफर, किसी वेबसाइट अथवा AI से ली गई तस्वीरें मान्य नहीं होंगी।
AI से पूर्णतः निर्मित, कॉपी-पेस्ट, स्क्रीनशॉट, अत्यधिक डिजिटल रूप से परिवर्तित अथवा भ्रामक फोटो अमान्य मानी जाएगी। सामान्य क्रॉपिंग, ब्राइटनेस, कॉन्ट्रास्ट, कलर करेक्शन और बेसिक रिटचिंग स्वीकार्य हो सकती है।
फोटो के साथ शीर्षक, स्थान, फोटो खींचने की तिथि तथा संक्षिप्त विवरण देना आवश्यक होगा।
फोटो पर वॉटरमार्क, नाम, लोगो, बॉर्डर, तारीख या किसी भी प्रकार का टेक्स्ट अंकित नहीं होना चाहिए।
एक ही फोटो को अलग-अलग एडिटिंग या एंगल के नाम पर बार-बार भेजना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
फोटो में किसी व्यक्ति, विशेषकर बच्चे, की पहचान स्पष्ट होने पर आवश्यक अनुमति लेना प्रतिभागी की जिम्मेदारी होगी।
अश्लील, आपत्तिजनक, भेदभावपूर्ण, हिंसक, धार्मिक अथवा सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली प्रविष्टियाँ स्वीकार नहीं की जाएँगी।
यदि किसी प्रविष्टि पर कॉपीराइट, मौलिकता या अनुमति संबंधी विवाद उत्पन्न होता है, तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रतिभागी की होगी।
प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
प्रताप गौरव केंद्र को बिना कारण बताए किसी भी प्रविष्टि को अस्वीकार करने अथवा प्रतियोगिता के नियमों में आवश्यक परिवर्तन करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा। परिणाम संबंधी किसी भी प्रकार का पत्राचार मान्य नहीं होगा।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पहचान-पत्र, मूल फोटो फाइल अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।
प्रतिभागी द्वारा गूगल फॉर्म जमा करना इस बात की स्वीकृति माना जाएगा कि उसने सभी नियम एवं शर्तें पढ़ ली हैं और उनका पालन करने के लिए सहमत है।
सभी डिजिटल इमेज एवं प्रिंट/फ्रेम छायाचित्र प्रताप गौरव केंद्र की संपत्ति रहेंगे। संस्थान अपनी उपयोगिता के अनुसार इनके प्रयोग के लिए स्वतंत्र रहेगा।
प्रताप गौरव केंद्र को चयनित छायाचित्रों के प्रदर्शन, प्रचार, सोशल मीडिया, वेबसाइट, कैटलॉग अथवा गैर-व्यावसायिक प्रकाशन हेतु फोटोग्राफर के नाम/क्रेडिट के साथ उपयोग करने का अधिकार होगा।
विशेष: पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड में भाग लेने हेतु सभी प्रतिभागियों को “मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रताप फ्रेम” से संबंधित एक फोटो 12 × 18 इंच आकार में फ्रेम करवाकर प्रताप गौरव केंद्र पर 23 सितंबर तक जमा करानी होगी। इन छायाचित्रों की प्रदर्शनी केंद्र पर लगाई जाएगी और दर्शकों के मतदान के आधार पर एक “पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड” प्रदान किया जाएगा।
संपर्क सूत्र – राकेश शर्मा राजदीप – 9829050939
ऋषभ जैन – 9672996945
ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
संस्थान स्तर तक की अंतिम तिथि : 30 अगस्त, 2025
दिनांक : 7 सितंबर, 2025
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति द्वारा संचालित प्रताप गौरव केंद्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’, उदयपुर द्वारा महाराणा प्रताप के जीवन एवं दिवेर युद्ध की विजय को आधार बनाकर एक निःशुल्क ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
पंजीयन की अंतिम तिथि: 15 सितम्बर 2026 तक रहेगी
समय: – वर्गानुसार एक ही दिन
नोट: गूगल फॉर्म भरते समय निम्नलिखित बातों पर विशेष ध्यान दें—
➢ जिस मोबाइल नंबर से आप प्रतियोगिता में भाग लेने वाले हैं, वही मोबाइल नंबर गूगल फॉर्म में दर्ज करें।
➢ गूगल फॉर्म में दर्ज किए गए उसी मोबाइल नंबर से मोबाइल ऐप डाउनलोड करके रखें।
➢ आप प्रतियोगिता में केवल उसी ऐप एवं उसी मोबाइल नंबर का उपयोग करके भाग ले सकेंगे।
प्रथम वर्ग – कक्षा – 6 से 8 (सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालय) स्तर के लिए – प्रातः 10:00 बजे से 11:30 बजे तक
द्वितीय वर्ग – कक्षा – 9 से 12 (सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालय) स्तर के लिए दोपहर 01:00 बजे से 02:30 बजे तक
तृतीय वर्ग – महाविद्यालय (ऊपर वर्णित सभी)/ निजी विश्वविद्यालय स्तर(सभी छात्र) के लिए सायं 04:00 बजे से 5:30 बजे तक
पुरस्कार एवं सम्मान
उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8)
प्रथम पुरस्कार – 3100/-
द्वितीय पुरस्कार – 2100/-
सांत्वना पुरस्कार(1) – 500/-
सांत्वना पुरस्कार(2) – 500/-
उच्चमाध्यमिक स्तर - (कक्षा 9 से 12)
सांत्वना पुरस्कार(1) – 500/-
सांत्वना पुरस्कार(2) – 500/-
महाविद्यालय एवं निजी विश्वविध्यालय
सांत्वना पुरस्कार(1) – 500/-
सांत्वना पुरस्कार(2) – 500/-
विशेष बिंदु / सावधानियाँ –
यह प्रतियोगिता ऑनलाइन ऐप के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इस हेतु सभी महत्वपूर्ण तकनीकी आवश्यकताओं, सुविधाओं एवं सुरक्षा मानकों का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा। तत्पश्चात यदि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या के कारण प्रतियोगिता में कोई व्यवधान उत्पन्न होता है, प्रतिभागी प्रतियोगिता में भाग लेने से वंचित हो जाता है अथवा कोई अन्य समस्या उत्पन्न होती है, तो इसके लिए आयोजक या प्रतियोगिता आयोजित करने वाली प्रायोजक संस्था किसी भी रूप से जिम्मेदार नहीं होगी।
इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु किसी भी प्रकार का कोई शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। किसी भी व्यक्ति द्वारा प्रतियोगिता के लिए शुल्क मांगे जाने पर कोई शुल्क न दें।
केवल प्रताप गौरव केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदान की गई सूचना अथवा प्रताप गौरव केंद्र के आधिकारिक नंबर से प्राप्त कॉल को ही आधिकारिक रूप से सही मानें। किसी भी प्रकार की राशि मांगे जाने पर आधिकारिक मोबाइल नंबर पर संपर्क करें।
इसे किसी भी स्थिति में रोजगारपरक परीक्षा के रूप में नहीं माना जाए। यह मात्र एक प्रतियोगिता है तथा भविष्य में किसी रोजगार या नौकरी का आधार नहीं है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य महाराणा प्रताप के जीवन से संबंधित विभिन्न घटनाओं एवं प्रसंगों को समाज के सामने प्रस्तुत करना मात्र है।
कोई भी प्रतिभागी निर्धारित अर्हता पूर्ण नहीं करने की स्थिति में किसी भी समय इस प्रतियोगिता के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है, जिसके लिए आयोजक अंतिम निर्णयकर्ता होंगे।
गूगल फॉर्म में अंत में दी गई घोषणा (Declaration) को ध्यानपूर्वक पढ़ा जाना चाहिए तथा उसे टिक (चेक मार्क ✓) करना आवश्यक है।
प्रतियोगिता से संबंधित किसी भी नियम या शर्त को किसी भी प्रकार के विधिक दावे का आधार नहीं बनाया जा सकेगा।
किसी भी विवाद की स्थिति में प्रताप गौरव केंद्र, उदयपुर द्वारा निर्धारित निर्णायक मंडल का निर्णय ही अंतिम एवं सर्वमान्य होगा तथा प्रत्येक स्थिति में क्षेत्राधिकार उदयपुर न्यायालय का रहेगा।
प्रतियोगिता कराने का माध्यम
ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता मोबाइल ऐप के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इस हेतु मोबाइल पर भेजे गए लिंक का उपयोग कर ऐप को पहले ही अपने उस मोबाइल में डाउनलोड कर लेना चाहिए, जिससे प्रतियोगिता में भाग लेना है, ताकि अंतिम समय में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या से बचा जा सके।
प्रतियोगिता के लिए मोबाइल के चयन हेतु विनिर्देश
प्रतिभागी किसी भी सामान्य Android आधारित मोबाइल फोन का उपयोग कर इस प्रतियोगिता में भाग ले सकता है।
विशेष: इस प्रतियोगिता में केवल वे मोबाइल धारक ही भाग ले सकेंगे, जिनके मोबाइल Android Operating System पर आधारित हैं। अर्थात यह ऐप केवल Android मोबाइल पर ही कार्य करेगा। स्वयं के पास मोबाइल न होने अथवा Android मोबाइल न होने की स्थिति में प्रतिभागी अपने अभिभावक/परिजन के मोबाइल का उपयोग कर सकता है।
मोबाइल एप डाउनलोड का लिंक-
मोबाइल एप का लिंक ->
https://play.google.com/store/apps/details?id=co.amy.gvhaj&pli=1
इस लिंक को मोबाइल में खोलना आवश्यक है जिस मोबाइल से आप प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते हैं, जब आप इसे मोबाइल में खोलेंगे तो एप डाउनलोड करने का आप्शन उपलब्ध होगा, जिसपर क्लिक कर इसे मोबाइल में डाउनलोड करना है | इस लिंक को कंप्यूटर में नहीं खोलना है
- आपके मोबाइल एंड्राइड मोबाइल होना चाहिए
- एप डाउनलोड करने से पूर्व मोबाइल में अनावश्यक डेटा को हटा दीजिये ताकि एप को इनस्टॉल होने में परेशानी नहीं हो |
- अब आपके मोबाइल पे भेजे गए एप लिंक को क्लिक कीजिए एवं उस एप को डाउनलोड कीजिए |
- मोबाइल एप में रजिस्ट्रेशन के लिए एक मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी , इसमें वो ही नंबर दर्ज कीजिए, जिस नंबर का उपयोग आप प्रतियोगिता मैं भाग लेने में करेंगे, और जिसे आपने गूगल फॉर्म में अंकित किया है |
- मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद आप मोबाइल में एप को एक बार उपयोग कर देख लीजिये |
प्रतियोगिता में पूछे जा सकने वाले प्रश्नों के संदर्भ में पूर्व अध्ययन हेतु आधार सामग्री
इस प्रतियोगिता से पूर्व अध्ययन हेतु आधार सामग्री PDF प्रारूप में प्रताप गौरव केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।
➢ प्रथम वर्ग (कक्षा 6 से 8): प्रतिभागियों के लिए प्रताप गौरव केंद्र द्वारा प्रेषित पठन सामग्री को आधार बनाया जा सकता है।
➢ द्वितीय वर्ग (कक्षा 9 से 12): प्रतिभागियों के लिए प्रताप गौरव केंद्र द्वारा प्रेषित पठन सामग्री के साथ कुछ अन्य प्रमाणिक पुस्तकों, जैसे ‘वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप’, लेखक–गौरीशंकर हीराचंद ओझा, को भी आधार बनाया जा सकता है।
➢ तृतीय वर्ग (महाविद्यालय/निजी विश्वविद्यालय): प्रतिभागियों के लिए प्रताप गौरव केंद्र द्वारा प्रेषित पठन सामग्री के साथ कुछ अन्य प्रमाणिक पुस्तकों, जैसे ‘वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप’, लेखक–गौरीशंकर हीराचंद ओझा एवं ‘महाराणा प्रताप महान् (जीवनवृत्त और कृतित्व)’, लेखक–देवीशंकर पालीवाल, को भी आधार बनाया जा सकता है।
यात्रा किराया संबंधी
नोट: केवल विजेता प्रतिभागियों को समापन समारोह में उपस्थित होने हेतु तृतीय श्रेणी रेल यात्रा किराया (1 टिकट) अथवा सामान्य बस किराया (1 टिकट), आने एवं जाने के लिए, प्रताप गौरव केंद्र से वापस लौटते समय प्रदान किया जाएगा। साथ में उपस्थित किसी अन्य व्यक्ति को कोई यात्रा किराया प्रदान नहीं किया जाएगा।
यात्रा किराया केवल प्रतिभागी के संस्थान से प्रताप गौरव केंद्र एवं प्रताप गौरव केंद्र से उसी संस्थान तक का ही दिया जाएगा। इसके लिए प्रतिभागी को पूर्व में ई-मेल के माध्यम से उस स्थान की जानकारी देनी होगी, जहाँ से वह यात्रा आरंभ करेगा। प्रताप गौरव केंद्र द्वारा इसकी अनुमति के आधार पर ही यात्रा किराया प्रदान किया जाएगा।
यात्रा किराए में अन्य कोई व्यय शामिल नहीं किया जाएगा और न ही स्थानीय यातायात का कोई शुल्क देय होगा।
सत्यापन
विजेता प्रतिभागी को अपने अध्ययनरत संस्थान का परिचय-पत्र, आधार कार्ड एवं फोटो (मूल प्रति) अपने साथ लाना होगा, जिसका सत्यापन केंद्र पर करवाना अनिवार्य होगा।
प्रमाण-पत्र
विजेताओं को पुरस्कार राशि एवं प्रमाण-पत्र प्रताप गौरव केंद्र द्वारा आयोजित दिवेर विजय महोत्सव–2026 के समापन समारोह में प्रदान किए जाएंगे।
नोट: अन्य सभी प्रतिभागी डिजिटल प्रमाण-पत्र प्रताप गौरव केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकेंगे। डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु प्रतिभागी को उसी मोबाइल नंबर का उपयोग करना होगा, जिससे उसने प्रतियोगिता में प्रतिभागी के रूप में पंजीकरण किया था। अन्य मोबाइल नंबर से डिजिटल प्रमाण-पत्र डाउनलोड नहीं किया जा सकेगा।
संपर्क सूत्र – श्री जयदीप आमेटा – 9950986724
श्री नवीन नंदवाना – 9828351618
श्री आशीष सिसोदिया – 9414851055
चित्रकला प्रतियोगिता
दिवेर विजय महोत्सव–2026 के अवसर पर ऐतिहासिक दिवेर युद्ध (1582) की स्मृति एवं सम्मान में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। महाराणा प्रताप की महान सैन्य विजय के रूप में प्रसिद्ध यह युद्ध मेवाड़ के पुनरुत्थान का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध हुआ। दिवेर युद्ध की विजय आज भी साहस, रणनीतिक उत्कृष्टता, स्वाभिमान, स्वतंत्रता और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण जैसे मूल्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उद्देश्य :– चित्रकला प्रतियोगिता का उद्देश्य महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान, स्वतंत्रता-संघर्ष, सैन्य कौशल तथा मेवाड़ की गौरवशाली विरासत को प्रतिभागियों की मौलिक एवं सृजनात्मक कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत करना है।
समय: प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
स्थान: प्रताप गौरव केंद्र, उदयपुर
विशेष: प्रतिभागियों को निर्धारित समयावधि में ही प्रतियोगिता स्थल पर उपस्थित होकर चित्रकला पूर्ण करनी होगी।
चित्रकला के विषय :
प्रतिभागी अपनी श्रेणी के लिए नीचे दिए गए विषयों में से किसी एक विषय का चयन कर सकते हैं अथवा दिए गए व्यापक विषय के अनुरूप अपनी मौलिक कलात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
“महाराणा प्रताप: शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण और मेवाड़ की गौरवगाथा |
महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष, शौर्य, चेतक, हल्दीघाटी, दिवेर युद्ध, वनवासी जीवन अथवा मुगलो से मेवाड़ के संघर्ष से संबंधित किसी प्रसंग को, महाराणा प्रताप के जीवन के किसी भी महत्वपूर्ण प्रसंग को ऐतिहासिक, समकालीन अथवा अपनी मौलिक कलात्मक दृष्टि से चित्रित कर सकते हैं।
दो सांत्वना – 500/-
श्रेणी II: महाविद्यालय स्तर
दो सांत्वना पुरस्कार – 1100 /-
प्रतियोगिता हेतु दिशा-निर्देश
चित्रकला संबंधी दिशा-निर्देश
➢ चित्रकला के लिए Half Imperial Drawing Sheet (लगभग 22 × 15 इंच) का प्रयोग किया जाएगा, जो प्रतियोगिता स्थल प्रताप गौरव केंद्र पर ही उपलब्ध कराई जाएगी।
➢ प्रतिभागियों को अपने रंग एवं ब्रश साथ लाने होंगे। प्रतिभागी किसी भी माध्यम का प्रयोग कर सकते हैं, जैसे—जलरंग, पोस्टर कलर, ऐक्रेलिक, ऑयल कलर, मिश्रित माध्यम आदि।
➢ प्रतिभागी का विस्तृत विवरण चित्र के पीछे की तरफ लिखना होगा।
➢ सभी प्रतिभागियों के मूल चित्र प्रतियोगिता के पश्चात आयोजकों के पास रहेंगे तथा उन पर आयोजकों का पूर्ण अधिकार रहेगा।
अन्य महत्वपूर्ण तिथियाँ (Important Dates)
➢ प्रतियोगिता एवं परिणाम की घोषणा: 23 सितंबर 2026
➢ पुरस्कार एवं सम्मान समारोह: 26 सितंबर 2026
मूल्यांकन मापदंड
➢ तीन ख्यातनाम कलाकारों द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा।
➢ निर्णायक मंडल (Jury) का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
विशेष सूचना (Note)
➢ प्रतियोगिता में भागीदारी पूर्णतः निःशुल्क है।
➢ विजेताओं को 26 सितंबर 2026 को होने वाले समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
प्रतिभागिता हेतु दिशा-निर्देश
➢ विद्यालय एवं महाविद्यालयों से चयनित प्रतिभागियों की सूची (अधिकतम 10 प्रतिभागी) गूगल फॉर्म के माध्यम से भरकर उनका पंजीकरण करना होगा।
संपर्क सूत्र – डॉ सुशील निम्बार्क 9414385701
श्री पुष्कर लौहार – 9413262282
रील मेकिंग प्रतियोगिता
युवा जुड़ें इतिहास से… रील बनेगी शौर्य की आवाज़! दिवेर विजय महोत्सव के अवसर पर युवाओं एवं रील्स प्रेमियों को महाराणा प्रताप के जीवन, शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष तथा मेवाड़ की गौरवशाली संस्कृति से रचनात्मक रूप से जोड़ने के उद्देश्य से दिवेर विजय रील्स प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
प्रताप गौरव केंद्र विशेष: सभी पंजीकृत प्रतिभागियों के लिए फोटो/रील्स वॉक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रतिभागियों को प्रताप गौरव केंद्र परिसर एवं वहाँ उपलब्ध विषय-वस्तु से परिचित कराया जाएगा। इसके बाद प्रतिभागी निर्धारित समय में परिसर में अपनी रील शूट कर सकेंगे।
रील्स वॉक हेतु समय:
19 सितम्बर 2026, प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक।
शूटिंग हेतु समय:
19 सितम्बर 2026: प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक एवं सायं 5:00 बजे से 7:00 बजे तक।
20 सितम्बर 2026: प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक एवं सायं 5:00 बजे से 7:00 बजे तक।
रील जमा करने की अंतिम तिथि:
23 सितम्बर 2026
रील का विषय:
महाराणा प्रताप का शौर्य
स्वाभिमान और स्वतंत्रता
दिवेर विजय
चेतक और महाराणा प्रताप
प्रताप का संघर्ष और संकल्प
मेवाड़ की गौरवशाली संस्कृति
मेवाड़ की धरती और वीरता
प्रताप के विचार और आज का युवा
पंजीकरण: प्रतियोगिता में पंजीकरण निःशुल्क है। पंजीकरण के दो माध्यम हैं—
1. गूगल फॉर्म द्वारा:
जिसका लिंक निम्नलिखित है:
2. रील्स वॉक के समय ऑन-स्पॉट पंजीकरण।
पंजीकरण के बाद प्रतिभागी को पंजीकरण क्रमांक प्रदान किया जाएगा, जिसका उल्लेख रील भेजते समय करना अनिवार्य होगा।
पुरस्कार एवं सम्मान
तृतीय पुरस्कार – 5000/-
सांत्वना पुरस्कार (दो) – 1100/- प्रत्येक
रील भेजने का ई-मेल:
सभी प्रतिभागी अपनी रील निर्धारित प्रारूप में निम्न ई-मेल पर भेजें:
प्रमुख नियम एवं शर्तें
प्रतियोगिता में किसी भी आयु वर्ग का प्रतिभागी भाग ले सकता है।
प्रतियोगिता में भाग लेना पूर्णतः निःशुल्क है।
रील प्रतिभागी द्वारा स्वयं शूट एवं निर्मित की गई मौलिक रचना होनी चाहिए। रील की अवधि न्यूनतम 1 मिनट से अधिकतम 3 मिनट की होनी चाहिए।
रील का निर्माण मुख्यतः प्रताप गौरव केन्द्र एवं प्रतियोगिता के निर्धारित विषयों से संबंधित होना चाहिए।
रील में इंटरनेट, सोशल मीडिया, अन्य क्रिएटर अथवा किसी अन्य स्रोत से ली गई वीडियो सामग्री का उपयोग मान्य नहीं होगा।
AI से पूर्णतः निर्मित वीडियो/रील स्वीकार नहीं की जाएगी।
सामान्य वीडियो एडिटिंग, कटिंग, कलर करेक्शन, टेक्स्ट एवं बेसिक इफेक्ट्स का प्रयोग किया जा सकता है।
किसी व्यक्ति की पहचान स्पष्ट होने पर आवश्यक अनुमति लेना प्रतिभागी की जिम्मेदारी होगी।
रील में अश्लील, आपत्तिजनक, भेदभावपूर्ण, हिंसक अथवा किसी धार्मिक/सामाजिक भावना को ठेस पहुँचाने वाली सामग्री स्वीकार नहीं की जाएगी।
रील में प्रयुक्त संगीत, संवाद, चित्र अथवा अन्य सामग्री के कॉपीराइट/अनुमति संबंधी विवाद की पूर्ण जिम्मेदारी प्रतिभागी की होगी।
रील पर अनावश्यक वॉटरमार्क अथवा किसी अन्य संस्था का प्रचार/लोगो नहीं होना चाहिए।
एक ही रील के अलग-अलग संस्करण भेजकर एक से अधिक प्रविष्टियाँ करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निर्धारित अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
पुरस्कार हेतु चयनित प्रतिभागियों को मूल वीडियो फाइल, पहचान-पत्र अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।
पंजीकरण/प्रविष्टि भेजना इस बात की स्वीकृति माना जाएगा कि प्रतिभागी ने प्रतियोगिता के सभी नियम एवं शर्तें पढ़कर स्वीकार कर ली हैं।
चयनित रील्स का उपयोग प्रचार, सोशल मीडिया, वेबसाइट, प्रदर्शन, महोत्सव एवं अन्य गैर-व्यावसायिक आयोजनों में प्रतिभागी के नाम/क्रेडिट के साथ किया जा सकता है।
प्रताप गौरव केन्द्र को प्रतियोगिता के नियमों में आवश्यक संशोधन करने अथवा किसी प्रविष्टि को अस्वीकार करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
संपर्क सूत्र – शिवम शर्मा – 9784319997
मोहित शर्मा – 7597400100
विनोद मीणा – 9460931698
श्री पुष्कर लौहार – 9413262282
भाषण प्रतियोगिता
दिवेर विजय महोत्सव–2026 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता के सह-आयोजक एन.एस.एस. रहेंगे।
आयोजन सम्बन्धी महत्वपूर्ण तिथियाँ
जिला स्तर: 8, 9 एवं 10 सितम्बर 2026
संभाग स्तर: 17 एवं 18 सितम्बर 2026
राज्य स्तर: 26 सितम्बर 2026
भाषण प्रतियोगिता
भाषण का विषय:
“विजयी योद्धा एवं कुशल प्रशासक के रूप में महाराणा प्रताप”
निर्धारित समय:
5 मिनट
राज्य स्तरीय पुरस्कार राशि
प्रथम पुरस्कार – 11000/-
द्वितीय पुरस्कार – 7100/-
तृतीय पुरस्कार – 5100/-
दो सांत्वना – 2100/-
प्रतियोगिता का आयोजन
प्रत्येक महाविद्यालय से चयनित अधिकतम तीन प्रतिभागियों को जिला स्तर पर भाग लेने का अवसर मिलेगा।
जिला स्तर से तीन प्रतिभागियों का चयन संभाग स्तर की प्रतियोगिता के लिए किया जाएगा।
संभाग स्तर से तीन प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तर की प्रतियोगिता के लिए किया जाएगा।
महाविद्यालय, जिला एवं संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन एन.एस.एस. (NSS) के माध्यम से किया जाएगा।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन प्रताप गौरव केन्द्र “राष्ट्रीय तीर्थ”, उदयपुर में किया जाएगा।
राज्य स्तर पर प्रत्येक संभाग से चयनित तीन प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के अंतिम चरण में आमंत्रित किया जाएगा। अंतिम चरण में शामिल प्रतिभागियों के यात्रा व्यय (रेलवे की तृतीय श्रेणी ए.सी./बस) एवं भोजन की व्यवस्था प्रताप गौरव केन्द्र “राष्ट्रीय तीर्थ” की ओर से की जाएगी।
राज्य स्तर की प्रतियोगिता हेतु चयनित प्रतिभागियों की अंतिम सूची 21 सितम्बर 2026 तक प्रताप गौरव केन्द्र “राष्ट्रीय तीर्थ” को भेजना अनिवार्य होगा।
भाषण प्रतियोगिता : नियम एवं शर्तें
प्रतियोगिता में केवल महाविद्यालय स्तर के विद्यार्थी ही भाग ले सकेंगे।
प्रत्येक प्रतिभागी को निर्धारित विषय पर ही भाषण देना होगा।
भाषण की अधिकतम समय-सीमा 5 मिनट होगी।
निर्धारित समय समाप्त होने के बाद प्रतिभागी को अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
प्रतिभागी कागज़ देखकर अथवा मोबाइल से भाषण नहीं पढ़ सकेगा। उसे अपना भाषण स्वयं प्रस्तुत करना होगा।
भाषण के दौरान किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, अशोभनीय अथवा विवादास्पद भाषा का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
प्रतिभागी अपने भाषण में तथ्य, तर्क एवं उदाहरणों का उचित प्रयोग करें।
प्रतिभागी को निर्धारित समय से पूर्व मंच पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
पुरस्कार/प्रमाण-पत्र प्राप्त करने से पूर्व विजेता प्रतिभागियों को आधार कार्ड तथा विद्यालय/महाविद्यालय का परिचय-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
आयोजक मंडल को आवश्यकता पड़ने पर प्रतियोगिता से संबंधित नियमों में परिवर्तन अथवा संशोधन करने का अधिकार होगा।
किसी भी प्रकार के अनुशासनहीन आचरण पर प्रतिभागी की प्रविष्टि निरस्त की जा सकती है।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों के लिए इन नियमों एवं शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
संपर्क सूत्र – डॉ. बी.डी. बारहठ – 9829260309
डॉ. सरोज कुमार – 9571019599
डॉ. सिद्धार्थ – 7087400453
पोस्टर प्रतियोगिता
दिवेर विजय महोत्सव–2026 के अवसर पर ऐतिहासिक दिवेर युद्ध (1582) की स्मृति एवं सम्मान में पोस्टर आमंत्रित किए जाते हैं। दिवेर युद्ध की विजय आज भी साहस, रणनीतिक उत्कृष्टता, स्वाभिमान, स्वतंत्रता और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण जैसे मूल्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। महाराणा प्रताप की महानतम सैन्य विजय के रूप में प्रसिद्ध यह युद्ध मेवाड़ के पुनरुत्थान का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध हुआ।
उद्देश्य :– प्रतियोगिता का उद्देश्य महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान, स्वतंत्रता-संघर्ष, सैन्य कौशल तथा मेवाड़ की गौरवशाली विरासत को प्रतिभागियों की मौलिक एवं सृजनात्मक कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत करना है।
प्रतियोगिता संबंधी महत्वपूर्ण तिथियाँ
| विवरण | तिथि |
|---|---|
| प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि | 22 सितंबर 2026 |
| परिणाम की घोषणा | 23 सितंबर 2026 |
| पुरस्कार एवं सम्मान समारोह | 26 सितंबर 2026 |
| स्थान | प्रताप गौरव केंद्र |
पोस्टर का विषय:
महाराणा प्रताप – शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण
दिवेर युद्ध – मेवाड़ के पुनरुत्थान की गौरवगाथा
हल्दीघाटी – महाराणा प्रताप के शौर्य और संघर्ष की गाथा
महाराणा प्रताप और चेतक
महाराणा प्रताप – जननायक
महाराणा प्रताप की सैन्य रणनीति एवं युद्ध-कौशल
महाराणा प्रताप और मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत
महाराणा प्रताप के संघर्ष में भील समाज का योगदान
महाराणा प्रताप – स्वतंत्रता और स्वाभिमान के प्रतीक
मेवाड़ की धरती और महाराणा प्रताप
महाराणा प्रताप की विरासत – वर्तमान भारत के संदर्भ में
पंजीकरण एवं प्रविष्टि जमा करने संबंधी जानकारी
1. प्रतियोगिता में किसी भी आयु वर्ग का प्रतिभागी भाग ले सकता है। प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क है। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों से अनुरोध है कि वे नीचे दिए गए Google Form को भरकर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।2.प्रतिभागी द्वारा स्वयं निर्मित कलाकृति/पोस्टर की स्पष्ट एवं उच्च गुणवत्ता वाली फोटो Google Form के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। प्राप्त प्रविष्टियों में से चयनित उत्कृष्ट कलाकृतियों को निर्णायक मंडल द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।
पुरस्कार एवं सम्मान
प्रथम पुरस्कार – 5100/-
द्वितीय पुरस्कार – 3100/-
तृतीय पुरस्कार – 2100/-
दो सांत्वना – 501/-
अपलोड संबंधी निर्देश
प्रतिभागी द्वारा स्वयं निर्मित कलाकृति की स्पष्ट एवं उच्च गुणवत्ता वाली फोटो/स्कैन अपलोड करें।
फोटो में पूरी कलाकृति स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए तथा उसका कोई भी भाग कटा हुआ नहीं होना चाहिए।
फोटो धुंधली, कटी हुई अथवा अत्यधिक कम गुणवत्ता वाली नहीं होनी चाहिए।
कलाकृति की फोटो JPG प्रारूप में अपलोड करें।
प्रत्येक प्रतिभागी द्वारा केवल एक ही कलाकृति प्रस्तुत की जा सकेगी।
निर्माण प्रक्रिया के दौरान की फोटो अनिवार्य है:
कलाकृति बनाते समय उसके अधूरे चरण की उसी कलाकृति की एक स्पष्ट फोटो अपलोड करना अनिवार्य होगा। इस फोटो से यह प्रमाणित होना चाहिए कि प्रस्तुत कलाकृति प्रतिभागी द्वारा स्वयं बनाई गई है तथा वह पहले से तैयार अथवा पुरानी कलाकृति नहीं है।
प्रतियोगिता के नियम एवं शर्तें
प्रतिभागी द्वारा प्रस्तुत किया गया पोस्टर पूर्णतः मौलिक एवं स्वयं द्वारा निर्मित होना चाहिए।
एआई द्वारा पूर्णतः निर्मित, कॉपी-पेस्ट किए गए, स्क्रीनशॉट, अत्यधिक डिजिटल रूप से परिवर्तित अथवा भ्रामक पोस्टर अमान्य माने जाएंगे।
पोस्टर पर किसी भी प्रकार का वॉटरमार्क, प्रतिभागी का नाम, लोगो, बॉर्डर, दिनांक अथवा कोई अन्य टेक्स्ट अंकित नहीं होना चाहिए।
अश्लील, आपत्तिजनक, भेदभावपूर्ण, हिंसक, धार्मिक अथवा सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली प्रविष्टियाँ स्वीकार नहीं की जाएंगी।
किसी भी प्रविष्टि की कॉपीराइट, मौलिकता अथवा अनुमति से संबंधित विवाद उत्पन्न होने पर उसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रतिभागी की होगी।
प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
प्रताप गौरव केंद्र को बिना कोई कारण बताए किसी भी प्रविष्टि को अस्वीकार करने तथा प्रतियोगिता के नियमों एवं शर्तों में आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।
निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा। परिणाम के संबंध में किसी भी प्रकार का पत्राचार मान्य नहीं होगा।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पहचान-पत्र, मूल फोटो फ़ाइल अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।
प्रतिभागी द्वारा गूगल फॉर्म जमा करना इस बात की स्वीकृति माना जाएगा कि उसने प्रतियोगिता के सभी नियम एवं शर्तें पढ़ ली हैं तथा उनका पालन करने के लिए सहमत है।
सभी डिजिटल इमेज एवं प्रिंट/फ्रेम की गई छवियाँ प्रताप गौरव केंद्र की संपत्ति मानी जाएंगी। संस्थान को अपनी आवश्यकतानुसार इनके उपयोग का पूर्ण अधिकार रहेगा।
प्रताप गौरव केंद्र को चयनित पोस्टरों का प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार, सोशल मीडिया, वेबसाइट, कैटलॉग अथवा गैर-व्यावसायिक प्रकाशन हेतु उपयोग करने का अधिकार रहेगा।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे।
किसी भी जानकारी या प्रश्न के लिए संपर्क करें:
📧 ई-मेल: poster.diver1@gmail.com
आधिकारिक वेबसाइट: प्रताप गौरव केन्द्र
🌐 www.pratapgauravkendra.org
संपर्क सूत्र – श्री पुष्कर लौहार – 9413262282
डॉ. सुशील निम्बार्क – 9414385701
नुक्कड़ नाटक
आइए, दिवेर विजय की गौरवगाथा से जुड़ें!
दिवेर विजय महोत्सव के अवसर पर उदयपुर शहर के 40 से अधिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से मेवाड़ के शौर्य, स्वाभिमान और वीरता की अमर गाथा जन-जन तक पहुँचाई जाएगी। विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं संस्थानों के उत्साही युवा तथा शहर के प्रतिष्ठित रंगकर्मी इन प्रस्तुतियों में सहभागी बनेंगे। इन प्रभावशाली प्रस्तुतियों के साक्षी बनें, इतिहास को अनुभूत करें और मेवाड़ की गौरवशाली विरासत से जुड़ें। आइए, सामूहिक रूप से दिवेर विजय की गाथा को जन-जन तक पहुँचाएँ तथा वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रगौरव की इस अमर ज्योति को नई पीढ़ी तक प्रसारित करें।संपर्क सूत्र – श्री गौरीकांत शर्मा – 9461180747
लोकेश पालीवाल – 9887069973
पुरालेखशास्त्र, प्राचीन लिपि विज्ञान और भाषा विज्ञान कार्यशाला
भारत में लेखन की प्राचीनतम पुरातात्त्विक साक्ष्य सिन्धु घाटी सभ्यता की मुद्राओं एवं मुद्रांकनों में प्राप्त होते हैं। दुर्भाग्यवश, अब तक इस लिपि का संतोषजनक ढंग से पठन नहीं हो पाया है, यद्यपि इसके संबंध में अनेक दावे किए जा चुके हैं। भारत के प्रारंभिक ऐतिहासिक काल में दो प्रमुख लिपियों का प्रादुर्भाव हुआ – ब्राह्मी एवं खरोष्ठी। ब्राह्मी लिपि को बाएँ से दाएँ लिखा जाता था, जबकि खरोष्ठी, जो प्राचीन भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में प्रचलित थी, दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी। इन दोनों लिपियों के प्राचीनतम उदाहरण अशोक के अभिलेखों में मिलते हैं, जो सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप में उत्कीर्ण हैं। खरोष्ठी लिपि का प्रयोग लगभग तीसरी शताब्दी ईस्वी के आस-पास समाप्त हो गया, जबकि ब्राह्मी लिपि में समयानुसार परिवर्तन की क्षमता थी, जिसके कारण यह लिपि अनेक क्षेत्रीय और कालिक रूपों में विकसित होती गई।
कार्यशाला की रूपरेखा
यह सात दिवसीय कार्यशाला (19 से 26 सितंबर 2026 तक) मुख्यतः ब्राह्मी लिपि एवं इसकी विकसित रूपों पर केंद्रित होगी। कार्यशाला की शुरुआत प्रतिभागियों को अशोककालीन ब्राह्मी लिपि से परिचित कराने एवं उसका शिक्षण देने से होगी। इस प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागी अशोक के अभिलेखों का पठन करना भी सीखेंगे। प्रारंभिक ब्राह्मी लिपि में दक्षता प्राप्त करने के उपरांत, प्रतिभागियों को ब्राह्मी के विकसित रूपों जैसे सातवाहन ब्राह्मी, कुषाण ब्राह्मी, इक्ष्वाकु ब्राह्मी, गुप्त ब्राह्मी तथा बॉक्स-हेडेड ब्राह्मी का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह शिक्षण वास्तविक अभिलेखों की छायाचित्रों एवं ई-प्रतिलिपियों के माध्यम से किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, भाषाओं की प्रकृति एवं उनके विकास पर भी प्रतिभागियों को जानकारी दी जाएगी। ब्राह्मी की उत्तरवर्ती लिपियाँ, जैसे सिद्धमात्रिका, प्रोटो-बंगाली और शारदा लिपियाँ भी अभिलेखों के माध्यम से सिखाई जाएंगी। कार्यशाला में एक क्षेत्रीय भ्रमण भी सम्मिलित है, जिसके अंतर्गत किसी अभिलेख युक्त स्थल का निरीक्षण कर वास्तविक अभिलेखों का दस्तावेजीकरण करना सिखाया जाएगा।
आमंत्रित विशेषज्ञों की सूची
डॉ. धर्मवीर शर्मा, दिल्ली
डॉ. अभिजीत दांडेकर, पुणे
डॉ. रवि शंकर, मैसूर
डॉ. सूरज राव, अजमेर
डॉ. राजेंद्र कुमार, बीकानेर
प्रतिदिन की गतिविधियाँ एवं कक्षाएँ
19 सितंबर 2026
सिन्धु लिपि (90 मिनट)
प्राकृत भाषा (90 मिनट)
21 – 25 सितंबर 2026
राजस्थानी लिपि (90 मिनट)
ब्राह्मी लिपि (90 मिनट)
खरोष्ठी लिपि (90 मिनट)
26 सितंबर 2026
समापन सत्र (90 मिनट)
Note: प्रतिभागी सभी कक्षाओं में उपस्थित रहेंगे।
सह-आयोजक: साहित्य संस्थान, राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर।
संपर्क सूत्र – डॉ. कुलशेखर व्यास – 96805 58633
श्री जीवन सिंह खड़कवाल – 8003636352
* प्रदर्शनी *
दिवेर विजय से संबंधित विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसका लोकार्पण 16 सितम्बर, 2026 को सायं 6 बजे आयोजित उद्घाटन समारोह में किया जाएगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजस्थान के क्षेत्र प्रचारक श्री निम्बाराम जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि राजस्थान सरकार के जनजाति विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे।